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खगड़िया में सरकारी पोखर व सड़क पर अतिक्रमण, कार्रवाई की मांग तेज

खगड़िया में सरकारी पोखर व सड़क पर अतिक्रमण, कार्रवाई की मांग तेज!



स्वतंत्रता सेनानी के घर जाने वाला रास्ता बंद, चार महीने से कार्रवाई नहीं!


खगड़िया, संवाददाता: नगर परिषद क्षेत्र के संसारपुर वार्ड संख्या–38 स्थित “धोबिया खड्डा” नामक सरकारी पोखर एवं उससे जुड़ी सड़क पर अवैध अतिक्रमण का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, खगड़िया को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने, सड़क पुनर्निर्माण तथा सुरक्षा की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, करीब 4 से 5 बीघा में फैली आम गैर-मजरूआ सरकारी जमीन पर स्थित यह पोखर अतिक्रमण की चपेट में आकर समाप्ति के कगार पर पहुंच गया है। वहीं, उससे जुड़ी सड़क पूरी तरह बाधित हो चुकी है। वर्तमान में वहां गंदगी, गोबर एवं कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है और आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।

पीड़ित का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार जिला पदाधिकारी, खगड़िया के जनता दरबार में आवेदन दिया है—19 दिसंबर 2025, 02 जनवरी 2026, 30 जनवरी 2026 एवं 06 अप्रैल 2026 को शिकायत दर्ज कराई गई। इसके अतिरिक्त नगर सभापति कार्यालय को भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिवाद संख्या 421110108042606890 की सुनवाई 22 अप्रैल 2026 को निर्धारित थी, जिसमें वे उपस्थित भी हुए, इसके बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ी।

मामले की गंभीरता इस बात से भी जुड़ी है कि यह रास्ता स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ब्रह्मदेव चौधरी के घर तक जाता था। जानकारी के अनुसार, उन्होंने देश की आजादी के लिए लगभग 14 वर्षों तक कारावास की सजा काटी थी और उन्हें अपर डिवीजन का दर्जा प्राप्त था। उन्हें सरकार द्वारा पेंशन भी स्वीकृत थी, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि उन्होंने देश सेवा के लिए कार्य किया है, किसी सुविधा के लिए नहीं।

बताया जाता है कि उन्हें भागलपुर, बक्सर, हजारीबाग एवं मुजफ्फरपुर समेत चार केंद्रीय जेलों में रखा गया था। उनके सहयोगी महेंद्र चौधरी को फांसी की सजा हुई थी, जबकि उन्हें उम्रकैद की सजा मिली थी। ऐसे स्वतंत्रता सेनानी के घर तक जाने वाला मार्ग आज अतिक्रमण के कारण पूरी तरह बंद हो जाना लोगों में आक्रोश का कारण बना हुआ है।

दीपक कुमार ने बताया कि वे पिछले चार महीनों से जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री तक आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को उठाने के कारण उन्हें धमकियां दी जा रही हैं तथा एक बार हमला भी किया जा चुका है, जिससे उनके एवं उनके परिवार की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि अब मामला अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष लंबित है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो वे उच्च स्तर, यहां तक कि प्रधानमंत्री तक शिकायत करने को बाध्य होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे इस जनहित के मुद्दे को हर हाल में समाधान तक पहुंचाकर रहेंगे।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाया जाए तथा सड़क और पोखर को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।

🔴 बॉक्स खबर

स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान से जुड़ा मामला

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान और इतिहास से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

🟡 कोट

🗣️ “चार महीने से प्रयास कर रहे हैं, अब जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री तक जाएंगे” — दीपक कुमार

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