ममता कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन के समक्ष राज्यव्यापी आंदोलन के तहत किया धरना प्रदर्शन सभा
ममता कार्यकर्ता को सरकारी सेवक की घोषणा, न्यूनतम मजदूरी के तहत 10 हजार रुपए मानदेय भुगतान करें सरकार - किरण देव यादव
बेगूसराय। बिहार राज्य ममता कार्यकर्ता संघ सीटू के राजव्यापी आह्वान पर सिविल सर्जन बेगूसराय के समक्ष 10 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन सभा किया गया, जिसका नेतृत्व प्रदेश संरक्षक किरण देव यादव ने किया।
प्रदर्शन में सैकड़ो की संख्या में ममता कार्यकर्ताओं ने अपने मांगों के बाबत गगनभेदी नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश संरक्षक किरण देव यादव ने कहा कि ममता कार्यकर्ताओं को सरकारी सेवक घोषित किया जाए एवं न्यूनतम मजदूरी के तहत ₹10000 मानदेय निर्धारित किया जाए।
श्री यादव ने कहा कि ममता कार्यकर्ता का बहाली सुरक्षित एवं स्वच्छता पूर्वक प्रसव करने हेतु 2008 में बहाली की गई, किंतु आज तक शासन प्रशासन द्वारा ड्रेस तक नहीं दी गई है। 8 घंटे की एक शिफ्ट में अधिकतम 8 एवं निम्नतम तीन ममता समूहों को एक प्रसव होने पर मात्र ₹300 दी जाती है, जिससे लगभग ₹30 से ₹100 मात्र एक ममता को हिस्सा मिलता है। वह भी 6 महीने से लेकर 1 वर्ष तक लंबित रहता है। आसमान छूती महंगाई में आज दो वक्त की रोटी जुटा पाने में ममता कार्यकर्ता असमर्थ है। भुगतान करने के नाम पर अवैध राशि वसूली की जाती है। अलॉटमेंट नहीं रहने का बहाना एवं अब तब भुगतान करने का आश्वासन का घूंट पिलाई जाती है जिससे उनके बच्चे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुकी है, शिक्षा से वंचित हो रहा है, कुपोषण का शिकार है। वहीं बहाली के 15 वर्ष गुजरने के बावजूद ड्रेस भी नहीं दिया गया है। न्यूनतम मजदूरी भी नसीब नहीं है।
श्री यादव ने ममता कार्यकर्ता को सरकारी सेवक घोषित करने, न्यूनतम मजदूरी के तहत₹10000 मासिक वेतन देने, 1 वर्ष में दो ड्रेस एवं मोबाइल उपलब्ध कराने, सरकारी सभी योजनाओं का लाभ देने, जीवन बीमा करने, अनुकंपा का लाभ देने, जॉइनिंग लेटर देने, ममता रूम देने, कार्यावधि में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपया मुआवजा देने, रविदासिया ममता के साथ भेदभाव करने पर रोक लगाने, सौतेलापन व्यवहार पर रोक लगाने, सम्मान सुरक्षा सुविधा वेतन बीमा भत्ता पेंशन और अधिकार देने आदि 10 सूत्री मांग पूरा करने की मांग किया।
सभा की अध्यक्षता रेणु देवी ने किया तथा मंच संचालन रेखा देवी ने किया।
सभा में विमला देवी रिंकू देवी सरिता देवी किरण देवी ममता देवी विभा देवी मंजू देवी गीता देवी प्रेमा देवी मालती देवी सविता देवी सुनीता देवी संजू देवी गीत देवी सबो देवी आदि ने भाग लिया।
तत्पश्चात मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री के नाम सिविल सर्जन को 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।



