सरपंच संघ द्वारा मदर्स डे पर मां की महत्ता एवं न्याय विषयक विचार गोष्ठी व कवि गोष्ठी का किया गया आयोजन।
मां त्याग बलिदान ममता संवेदना की प्रतिमूर्ति - किरण देव यादव
हर मां को कोटि-कोटि नमन चंदन वंदन अभिनंदन - रंजू कुमारी सरपंच
खगड़िया
पंच सरपंच संघ एवं देश बचाओ अभियान के तत्वाधान में मधुरानी सभागार खगरिया में मातृ दिवस पर "मां की महत्ता एवं न्याय" विषयक विचार गोष्ठी एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सरपंच रंजू कुमारी ने किया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम दलित शोषित पीड़ित वंचित 5 माताओं को अंग वस्त्र व बुके से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने मां की महत्ता पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि मां त्याग बलिदान ममता संवेदना का प्रतिमूर्ति होती है। श्री यादव ने कहा कि मां संवेदना है, भावना है, एहसास है। मां जीवन के फूलों में खुशबू का वास है।। मां पृथ्वी है, जगत है, धुरी है। मां के बिना इस सृष्टि का कल्पना अधूरी है।।
अध्यक्षीय संबोधन में सरपंच रंजू कुमारी ने कहा कि हर मां को कोटि-कोटि नमन है, हर मां को चंदन वंदन है। मां तू ही न्यारी है तू ही प्यारी है, हर मां का अभिनंदन है।।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से शुरू की रोशनी सभी के लिए बराबर होती है उसी प्रकार मां की ममता एवं न्याय सबके लिए बराबर होती है।
समाजसेवी मधुबाला ने कहा कि मां का ममता प्यार स्नेह आशीर्वाद बच्चे के लिए शक्ति ऊर्जा का काम करती है जो निरंतर आगे बढ़ाने हेतु मनोबल बनाता है।
कवियत्री चंपा राय ने कविता के माध्यम से कहा कि मां दिल है हृदय है दिमाग है, मां क्रांति का आगाज है।
कवियत्री संगीता चौरसिया ने कहा कि मां के आंचल में हर सुख समृद्धि का सागर है।
पंच अनुराधा देवी ने कहा कि मां दिल का दौलत है, सारे जहां की शोहरत है। मां है तो सब कुछ है मां के ही आंचल में मोहब्बत है।।
समाजसेवी बरसा रानी ने कहा कि धूप गर्मी तपिश में मां का आंचल छांव है। सारे जहां से अच्छा, जन्नत मां का पांव है।।
शिक्षिका अनुभूति देवी ने कहा कि बरबस मां की आती है याद, मां का ममता स्नेह प्यार आशीर्वाद सदैव बनी रहे, यही रब से है फरियाद।
सरपंच बंटी देवी ने कहा कि मां तू ही जन्नत है, मां तू ही मन्नत है। मां तू महान है, मां के आंचल में सारा जहां है।।
समाज सेविका इशरत खातून ने कहा कि मां के चरणों में स्वर्ग है। मां के आंचल में सारी खुशियां है,
मां है तो वजूद है मां के पांव में ही अर्ध है।।
पत्रकार अरुण वर्मा ने कहा मां प्रथम शिक्षक है। मां का डांट मार प्यार दुलार मनुहार स्वर्गिक आनंद देता है।
कार्यक्रम में पार्वती देवी बबीता देवी मनोज कुमार उमेश ठाकुर मोहम्मद सुहेल नंदकिशोर नवल सिंह रविंदर यादव सरवन कुमार राजेंद्र यादव रीना देवी रणवीर यादव आदि ने मां के महत्व पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।


