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जगदूत का 40 वां स्थापना सह कार्यालय उद्घाटन समारोह हुआ संपन्न।

जगदूत का 40 वां स्थापना सह कार्यालय उद्घाटन समारोह हुआ संपन्न।



पत्र, पत्रकार एवं पत्रकारिता की दिशा एवं दशा तथा हमारी भूमिका विषयक विचार गोष्ठी आयोजित


पीत पत्रकारिता से परहेज कर ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का मजबूती संभव - आनंद प्रकाश


जगदूत समाचार पत्र का इतिहास संघर्षमय, स्वर्णिम एवं ऐतिहासिक रहा - अरुण वर्मा



पत्रकार, पत्रकारिता एवं समाचार पत्र के समक्ष घोर संकट, संघर्ष की जरूरत -  किरण देव यादव


स्वर्णाक्षर में अंकित योग्य अरुण अखबार आंदोलन - राकेश कुमार


अरुण जी के नेतृत्व में पत्रकारिता का अनुभव सराहनीय - पांडव ठाकुर


खगड़िया 

अखबार नहीं आंदोलन के नारों को बुलंद करने वाले दैनिक अखबार, पोर्टल, चैनल, दूरदर्शन, यूट्यूब, फेसबुक लाइव, " जगदूत " समाचार पत्र के कार्यालय का उद्घाटन सह 41 वां स्थापना समारोह का आयोजन किया गया, जिसका फीता काटकर उद्घाटन जनसंपर्क पदाधिकारी आनंद प्रकाश एवं जगदूत के संपादक अरुण कुमार वर्मा, व आगत अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर केक काटकर एवं वृक्षारोपण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई । कार्यक्रम में " पत्र, पत्रकार, व पत्रकारिता की दिशा एवं दशा तथा हमारी भूमिका " विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जगदूत के संपादक अरुण कुमार वर्मा ने किया। सफल मंच संचालन जगदूत के सह संपादक किरण देव यादव ने किया।

कार्यक्रम में स्वतंत्र पत्रकार राकेश कुमार , प्रखर पत्रकार पांडव ठाकुर, डॉक्टर कविंद्र कूमार , अजय कुमार , सतीश कुमार, राजा वर्मा, चंदन कुमार, कालेश्वर ठाकुर, नवीन कुमार, आदि ने संबोधित किया।

उद्घाटन संबोधन में जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा कि प्रखर निर्भीक समर्पित पत्रकार अरुण कुमार वर्मा ने 41 वर्ष पूर्व जगदूत समाचार पत्र की स्थापना कर सच्चे अर्थों में अखबार को आंदोलन के रूप में स्थापित किये, विगत 4 दशक से जगदूत का गौरवपूर्ण स्वर्णिम इतिहास रहा, जो सराहनीय है। आज पीत पत्रकारिता से ऊपर उठकर पत्रकारिता करने की जरूरत है।

अध्यक्षीय संबोधन में पत्रकार अरुण वर्मा ने कहा कि अर्थाभाव में भी जगदूत दूरदर्शन, यूट्यूब चैनल, दैनिक समाचार पत्र, पत्रिका, पोस्टल के रूप में समाज का आईना बनकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत कर रही है।

सह संपादक किरण देव यादव ने कहा कि आज के दौर में अखबार, ई अखबार बन सिकुड़ता सिमटता जा रहा है, आज पत्रकार, पत्रकारिता व समाचार पत्र के समक्ष बहुत बड़ा संकट एवं चुनौती है। जगदूत समाचार पत्र का लंबा संघर्ष ऐतिहासिक एवं स्वर्णिम रहा है।

स्वतंत्र पत्रकार राकेश पासवान शास्त्री ने कहा अरुण वर्मा जी अखबार आंदोलन का प्रतीक है, पत्रकारिता जगत में इनका नाम स्वर्णाक्षर में अंकित है।

पांडव ठाकुर ने कहा कि संपादक अरुण वर्मा के नेतृत्व में पत्रकारिता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, इनसे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला।

डॉ एच प्रसाद , बबलू मंडल आदि ने जगदूत की भूमिका लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए मजबूत स्तंभ बताएं।

वैशाली इलेक्ट्रॉनिक्स के संपादक डॉ अरविंद कुमार वर्मा ने जगदूत के स्वर्णिम इतिहास का विस्तार पूर्वक चर्चा किये।

कार्यक्रम में संपादक अरुण वर्मा को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। तथा अंत में एक वृक्ष सौ पुत्र समान नारा देते हुए वृक्षारोपण किया गया।

कार्यक्रम में शिवचंद्र भगत उर्फ गैनू, राजीव कुमार ठाकुर आदि ने भाग लिया।

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