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फिलेटली दिवस पर डाक टिकट संग्रह करने का शौक पालें - डॉ अरविन्द वर्मा, चेयरमैन

फिलेटली दिवस पर डाक टिकट संग्रह करने का शौक पालें - डॉ अरविन्द वर्मा, चेयरमैन



डाक टिकट जमा खाता खुलवाएं और मनपसंद डाक टिकट, घर बैठे प्राप्त करें - इन्दु प्रभा




S.K.Verma




खगड़िया। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत फिलेटली दिवस आजादी का अमृत महोत्सव सेलिब्रेशन के रुप में पोस्टल सोसाइटी ऑफ इंडिया के तत्त्वावधान में चेयरमैन डॉ अरविन्द वर्मा की अध्यक्षता में मनाया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ वर्मा ने कहा आजाद भारत का पहला डाक टिकट राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऊपर जारी हुआ था। महात्मा गांधी ही वह इंसान हैं जिनके नाम पर भारत में सबसे ज्यादा डाक टिकट जारी हुए हैं। आगे उन्होंने कहा किस इंसान ने देश निर्माण में क्या किया और कितना योगदान किया, इसी के आधार पर उनके नाम पर डाक टिकट जारी होते रहे हैं। क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले भारत रत्न सचिन तेंदुलकर, भारत रत्न मदर टेरेसा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पूर्व राष्ट्रपति वी वी गिरि, पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, लोकप्रिय इंजीनियर डॉ एम विस्वेसरैया और समाज सुधारक डी के कर्वे, ऐसे गिने-चुने नाम हैं जिनके जीवनकाल में ही उनके नाम पर डाक टिकट जारी हुए। 



डॉ वर्मा ने कहा फिलेटली का अर्थ है डाक टिकट संग्रह करना। यह एक ऐसा शौक है, जिससे लाभ ही लाभ है। ब्रिटेन में महात्मा गांधी पर दुर्लभ डाक टिकट की नीलामी हुई,जो 04 करोड़ रुपए में बिकी जब को डाक टिकट का मूल्य मात्र 10 रुपए ही था। डाक टिकट संग्रह करने के शौकीन फिलेटलिस्ट बड़े बड़े डाक टिकट प्रदर्शनी में भाग लेते हैं। टिकटों के चाहते की संख्या बढ़ते ही उसकी नीलामी होती है। अधिकतम बोली लगाने वालों के हाथ डाक टिकट बेच दी जाती है। डॉ वर्मा ने देश के तमाम छात्र छात्राओं से आग्रह किया कि वे डाक टिकट संग्रह करने के लिए  डाक टिकट जमा खाता मात्र 200 रुपए देकर खुलवा सकते हैं। इसके एवज में आपको हर प्रकार की डाक टिकटें आपके घर के पते पर निबंधित डाक से प्राप्त हो जाएगा। फिर अपनी इच्छानुसार रुपए भेज कर जब चाहें डाक टिकट मंगवा सकते हैं। खगड़िया डिस्ट्रिक्ट फिलेटली क्लब की अध्यक्ष इन्दु प्रभा ने कहा खास खास मौके पर बच्चों को नकद या उपहार देने के बजाय अगर डाक टिकट दें तो डाक टिकट के प्रति बच्चों का झुकाव बढ़ेगा और डाक टिकट संग्रह करने के प्रति आकर्षित भी होंगे। आगे उन्होंने कहा समाज के महापुरुषों के अलावा पक्षी, सर्प, वन्य जीव, पुष्प, दार्शनिक स्थल, नदी तथा फैक्टरी, संत, महात्मा आदि पर भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा डाक टिकटें निरंतर जारी की जाती है।

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