नावकोठी (बेगूसराय):- नावकोठी प्रखण्ड का एक मात्र आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थिति जर्जर, उद्धारक की आस में।
कभी मरीजों के भीड़ से भरा रहता था यह नावकोठी का लाखों कुमरी आयुर्वेदिक अस्पताल । लेकिन समय के काल के हिसाब से सब कुछ बिखरता चला गया! सरकारे आई, बड़े-बड़े दावे किए गए।विधानसभा और लोकसभा का कितने वार चुनाव भी हुआ। लोक लुभावन वादे भी किए गए, लेकिन इस अस्पताल का हालत बद से भी बदतर हो गया। जिसका इलाज आज तक कोई नहीं किया है, हां एक छोटा सा प्रयास पंचायत समिति सदस्य रहते हुए नावकोठी के रिजवान अली ने लगभग ₹400000 से इस अस्पताल का जीर्णोद्धार करने का काम किया था, लेकिन उसके बाद आज तक ना ही सरकार के लोगों और ना ही कोई स्थानीय जनप्रतिनिधि के द्वारा इस अस्पताल पर ध्यान दिया गया। यह वही जगह है जहां गरीबों को मुफ्त में आयुर्वेदिक चिकित्सा मिलता था । वह भी आज बंद होने के कगार पर आ गया है या यूं कहें लगभग बंद हो चुका है। अपना जमीन रहने के वाद भी व्यवस्था के चलते य़ह स्थति हो गयी है। जानकारी के अनुसार सरकार ने अस्पताल दूसरे प्रखंड में शिफ्ट करने का आदेश भी जारी कर चूका है और जो एक डॉक्टर मात्र बचे हुए हैं उनको अस्पताल खाली करने के लिए कहा गया है। यदि इस पर पुर्नविचार नहीं किया गया तो आम जनता जनांदोलन करने का मूड बना चुकी है। आम आदमी का कहना है कि जन आन्दोलन से ही कोई हल निकल सकता है। हमलोगों को उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अपना फैसला बदलना पड़ेगा। हम अपील उनसे भी करना चाहते हैं, जो इस समय प्रखंड के जनप्रतिनिधि हैं।बखरी विधानसभा के विधायक सूर्यकांत पासवान से क्षेत्र के लोगों ने मांग किया है कि इस समस्या का समाधान करें। जिससे हमलोगों का धरोहर बच जाए। एक छोटा सा पहल फिर से इस अस्पताल के रौनक को वापस ला सकता है।


