BEGUSARAI:- नौला में सोमवार को सांकेतिक प्रदर्शन करते भाकपा माले कार्यकर्ता।
रोजगार खो चुके गरीबों को मिले 10 हजार लॉक डाउन भत्ता आक्सीजन,दवा,बेड और इलाज की व्यवस्था करने में सरकार विफल
कोरोना महामारी रोकने में सरकार की कथित विफलता के खिलाफ भाकपा माले ने सोमवार को नौला में सांकेतिक प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोरोना से जूझ रहे लोगों के लिए उचित इलाज की व्यवस्था और लॉकडाउन में आर्थिक तंगी झेल रहे गरीबों को सहायता करने की मांग सरकार से की। पार्टी की ओर से राष्ट्रीय मांग दिवस पर आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व खेग्रास नेता गौरी पासवान कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से देश भर में हर रोज हजारों लोगों की हो रही मौत के जिम्मेदार भाजपा की केन्द्र सरकार है। सरकार ने इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए पूर्व से कोई तैयारी नहीं की। इस समय जब लोग इलाज के लिए भटक रहे हैं,सरकार लाचार बनी हुई है। भाकपा माले के वरिष्ठ नेता बैजू सिंह ने कहा कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और भी लचर हो गई है। कोरोना से संक्रमित लोग आक्सीजन,दवा,बेड और इलाज के लिए इस शहर से उस शहर भागने को विवश हैं। इस अव्यवस्था के लिए जिम्मेवार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को तुरन्त इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कोविड महामारी से जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को दस लाख मुआवजा राशि देने की मांग की। उन्होंने हरियाणा के हिसार मे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज और पु लिस फायरिंग की घटना की तीव्र निन्दा की और खट्टर और मोदी सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। खेत मजदूर नेता रंजीत चौधरी ने सभी पंचायतों में कोरोना महामारी से निबटने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र चालू करने,कोविड जांच की व्यवस्था करने,गांवों के लोगों के लिए गांव में ही टीका देने का इंतजाम करने, एंबुलेंस की सुलभ और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, गरीब मजदूर को 10 हजार लॉकडाउन भत्ता देने और हर परिवार को 35 किलो अनाज मुहैया कराने की मांग की। मौके पर प्रमोद पोद्दार,ननकू पासवान आदि मौजूद थे।


