संसद भवन का उद्घाटन तृतीय नागरिक स्वयं पीएम मोदी द्वारा करना एवं प्रथम नागरिक बहुजन महिला राष्ट्रपति को इग्नोर करना घोर निंदनीय।
पीएम मोदी का हर निर्णय अधिनायकवाद व फासीवाद की पराकाष्ठा, एवं अति व्यक्तिवादी सोच का द्योतक, तानाशाही का प्रतीक - किरण देव यादव।
मोहम्मद बिन तुगलक को पागल बादशाह कहा गया है, आज इतिहास दोहराई जा रही है।
डॉक्टर अंबेडकर के नाम से संसद भवन का नामकरण किया जाय - किरण देव यादव
खगड़िया
देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष सह मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय सचिव व बिहार प्रभारी किरण देव यादव ने नये संसद भवन का उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से नहीं कराने, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति को उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करने, 28 मई 2023 को अधिनायकवाद एवं वन मैन वन नेशन के डपोड़शंखी स्वयंभू का परिचायक पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा स्वयं उद्घाटन करने का निर्णय लेने, उक्त तानाशाही एवं बहुजन महिला राष्ट्रपति का अपमान करने की घोर निंदा किया है।
श्री यादव ने कहा कि अति आधुनिक संसाधन से लैश नए संसद भवन निर्माण करने का कोई औचित्य नहीं था , जबकि पुराना संसद भवन आधुनिक संसाधन से लैश था ही। अब पुराने संसद भवन का क्या उपयोगिता होगी ? नए संसद भवन का निर्माण करने के पीछे देश की खजाना को लूटने लुटाने की सोच के तहत फिजूलखर्ची किया गया है। जहां एक ओर देश की बहुसंख्यक आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजर बसर करने को विवश है। देश का भविष्य कर्णधार बहुसंख्यक बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। गर्भ में पल रहे बच्चे भी वर्ल्ड बैंक का कर्जदार हैं। उक्त स्थिति में पर्याप्त सुविधा से लैश संसद भवन रहने के बावजूद नये भवन निर्माण करना ही तुगलकी निर्णय था।
श्री यादव ने कहा कि भारत के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति एवं द्वितीय नागरिक उपराष्ट्रपति के बजाय तृतीय नागरिक प्रधानमंत्री द्वारा संसद भवन का उद्घाटन होना देश में दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक एवं हास्यास्पद पल है एवं व्यक्तिवादी सोच का द्योतक है तथा तानाशाही का प्रतीक है।
समाजसेवी किरण देव यादव ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा संवैधानिक मूल्यों का हनन किया जा रहा है। संवैधानिक पद राष्ट्रपति व वरिष्ठ नागरिकता का उल्लंघन किया जा रहा है। वहीं बहुजन, महिला एवं सम्मानित पद का घोर अपमान किया जा रहा है। जो देश के कृतज्ञ जनता के लिए असहनीय है।
श्री यादव ने कहा कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में देश के बहुजन एवं महिलाओं द्वारा उक्त अपमान का बदला मोदी को कुर्सी से उखाड़ फेंक कर लिया जाएगा।
श्री यादव ने कहा कि ऐसे प्रधानमंत्री से क्या उम्मीद की जा सकती है जो अपने ही फोटो युक्त खुद के चलाएं ₹2000 की नोट को बंद कर लिया। उक्त बड़बोले का मुंह कब बंद होगा ?
श्री यादव ने कहा कि इतिहास के पन्नों में मोहम्मद बिन तुगलक को पागल बादशाह कहा जाता है, जो आज भी चरितार्थ कर इतिहास को दोहराया जा रहा है। वहीं सरदार बल्लभ भाई पटेल के कथनानुसार हिंदू राष्ट्र की कल्पना एक पागलपन है। चुंकि भारतीय संविधान के अनुसार पूरे विश्व में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष देश है और रहेगा। कहा कि अंधभक्त दिवास्वप्न देखना बंद करें।
श्री यादव ने डॉक्टर अंबेडकर के नाम से संसद भवन का नामाकरण करने की मांग किया है।


