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समाजसेवी सुभाष चंद्र जोशी सड़क दुर्घटना में हुए घायल, बाल बाल बचे , समाजसेवीयों ने की स्वस्थ होने की कामना।

समाजसेवी सुभाष चंद्र जोशी सड़क दुर्घटना में हुए घायल, बाल बाल बचे ,  समाजसेवीयों ने की स्वस्थ होने की कामना।



खगड़िया


 रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के केंद्रीय संयोजक सुभास चंद्र जोशी सड़क दुर्घटना में घायल हो गए । वे  खगड़िया से मानसी जाने के क्रम में मानसी केविन ढाला के पास मोटरसाइकिल से अनियंत्रित होने के क्रम में दुर्घटनाग्रस्त हो गए जिससे घायल हो गये । आनन-फानन में हॉस्पिटल लाया गया जहां इनका अस्पताल में बेहतर इलाज के बाद समाजसेवीयों द्वारा उनको उनके आवास पर पहुंचा दिया गया। 

सुभास चंद्र जोशी के घायल होने के खबर सुनते ही समाजसेवी , राजनितिक व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता उनके स्वास्थ्य की हाल चाल लेने उनके आवास पर एकत्रित होने लगे। रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के केंद्रीय सह संयोजक सह आजपा के प्रदेश अध्यक्ष उमेश ठाकुर, वरिष्ठ पत्रकार अरुण वर्मा, देश बचाओ अभियान के अध्यक्ष किरण देव यादव

भारतीय नाई समाज के प्रांतीय मीडिया प्रभारी पाण्डव कुमार ,जिलाध्यक्ष श्रवण ठाकुर,कार्यकारी अध्यक्ष गुड्डू ठाकुर, महिला विकास सेवा संस्थान की मधुबाला देवी, रेल  उपभोक्ता संघर्ष समिति के देश बंधु आजाद ,अब्दुल गणी, रिजवान अहमद, बालकृष्ण कुमार,उदय कांत ठाकुर आदि ने ईश्वर से सुभास चंद्र जोशी के स्वस्थ्य होने की कामना किये।

उमेश ठाकुर ने बताया कि मानसी प्रखंड अंतर्गत वृद्ध,दिव्यांग एवं विधवा पेंशन के जनसंपर्क अभियान के दरम्यान सुभास चंद्र जोशी दुर्घटनाग्रस्त हो गए। श्री ठाकुर ने बताया कि दिनांक 25 अप्रैल 2023 को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की बढ़ोतरी को लेकर जनसंपर्क अभियान जारी था ।लेकिन भगवान का शुक्र है हादसा होने पर भी वे बाल-बाल बच गए।


ऊंची अवरोधक के बजाय स्लोपिंग अवरोधक बनाने एवं अवरोधक से पूर्व पीला रेखा खींचने की किया मांग - किरण देव यादव


इधर, देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष समाजसेवी किरण देव यादव ने कहा कि आए दिन हर एक सड़कों पर मोटरसाइकिल सड़क दुर्घटना होती रहती हैं। जिसका मुख्य कारण विभिन्न सड़कों सहित मानसी ढाला के निकट ऊंची एवं जैसे तैसे अवरोधक निर्माण के कारण बाइक से चालक असंतुलित हो जाते हैं चुंकी अबरोधक से पूर्व पीला रेखा सड़क पर सड़क निर्माण विभाग द्वारा लगानी चाहिए थी, पीला रेखा नहीं रहने के कारण अवरोधक होने की पूर्व सूचना नहीं मिलने से गति में जा रही चालक को अवरोधक का सामना एकाएक करने से प्रायः एक्सीडेंट की घटना हो रही है। अलौली रोड में भी चातर के निकट दर्जनभर लगातार अबरोधक निर्माण होने से एक्सीडेंट का सामना चालकों को करना पड़ता है और अप्रिय घटना घट रही है। अवरोधक सुरक्षा के बजाय घातक साबित हो रही है। एक जगह अवरोधक 1-2 काफी है किंतु आधा दर्जन अवरोधक लगातार बनाना घटना को आमंत्रण देने जैसी है। श्री यादव ने ऊंची अवरोधक बनाने के बजाय अवरोधक को स्लोपिंग बनाने, अवरोधक के दोनों बगल पीला रेखा खींचने, ट्रैफिक नियम का पालन करने, निर्धारित स्पीड पर चलाने, हेलमेट का उपयोग करने, निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग  किया।

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