सावित्रीबाई फुले के 127 वीं पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि
सावित्रीबाई फुले सच्चे अर्थों में प्रथम महिला शिक्षक समाज, समाज सुधारक एवं महिलाओं का आदर्श थे - किरण देव यादव
खगड़िया
देश बचाओ अभियान एवं महिला विकास सेवा संस्थान के तत्वाधान में संपर्क कार्यालय में सावित्रीबाई फुले का 127 वां पुण्य तिथि मनाया गया। इस अवसर पर इनके तैल चित्र पर माल्यार्पण पुष्पांजलि समर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई, कोटि-कोटि नमन किया गया।
इस अवसर पर अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले सच्चे अर्थों में प्रथम शिक्षिका, समाज सुधारक एवं महिलाओं के आदर्श थे। इनका जन्म महाराष्ट्र के नायगांव में 3 जनवरी 1831 ईसवी में तथा निधन 10 मार्च 1897 ईस्वी में हुआ था। उन्होंने मनुवादी काल में शिक्षा का प्रथम ज्योति जलाने का क्रांतिकारी कार्य की, जब शिक्षा प्राप्त करना, धन रखना, मंत्र पढ़ना, पूजा करना, मंदिर जाना, शूद्रों के लिए वर्जित था। उन्होंने मनुवाद, रूढ़िवादी, कर्मकांड, पाखंडवाद, अंधविश्वास, पितृसत्ता, महिला एवं शुद्ध शोषण, ऊंच-नीच, छुआछूत, भेदभाव, अशिक्षा के खिलाफ कई यातनाएं सहकार भी संघर्ष को तेज की।
कार्यक्रम में महिला विकास सेवा संस्थान के संरक्षक मधुबाला , देश बचाओ अभियान के महासचिव उमेश ठाकुर, कवि चंपा राय, सुभाष जोशी, सुधा कुमारी, इशरत खातून, सुलेखा कुमारी ने सावित्रीबाई फुले के जीवनी व्यक्तित्व कृतित्व पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया।


