सावित्रीबाई फुले का 192 वीं जयंती मनाया गया, कोटि-कोटि नमन

सावित्रीबाई फुले का 192 वीं जयंती मनाया गया, कोटि-कोटि नमन



सच्चे अर्थों में प्रथम शिक्षका सावित्रीबाई फुले शिक्षा की देवी - किरण देव यादव


खगड़िया

 देश बचाओ अभियान के बैनर तले सावित्रीबाई फुले का 192 वीं जयंती बलुआही में मनाया गया । इस अवसर पर इनके प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि समर्पित कर याद किया गया तथा कोटि-कोटि नमन किया गया। एवं सावित्रीबाई फुले अमर रहे नारे को बुलंद किया गया।

अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 ईस्वी को महाराष्ट्र के सातारा जिले के नयागांव में माली परिवार में हुआ था। उस वक्त शिक्षा का अधिकार नहीं था। कई प्रताड़ना सहन कर प्रथम विद्यालय खोलकर शिक्षा का दीप प्रथम क्रांति ज्योति जलाने का कार्य की। 

मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय सचिव किरण देव यादव ने कहा कि सच्चे अर्थों में सावित्रीबाई फुले प्रथम शिक्षिका एवं शिक्षा की देवी थी। श्री यादव ने कहा कि आज शिक्षा का निजीकरण व्यवसायीकरण सांप्रदायीकरण कर गरीब मध्यम वर्ग को शिक्षा से वंचित किया जा रहा है, ऐसी परिस्थिति में सावित्रीबाई फुले का विचार अति प्रसांगिक है। सावित्रीबाई फुले ने महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक बुराइयों कुरूतियां कुप्रथाओं के खिलाफ अनवरत संघर्ष की। इनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

मजदूर किसान सभा के संयोजक धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले के जीवनी व्यक्तित्व कृतित्व से सीख लेने की जरूरत है। अरुण वर्मा ने कहा कि शिक्षक दिवस के तरह सावित्रीबाई फुले के जयंती एवं पुण्यतिथि पर शिक्षिका दिवस मनाने की मांग किया।

कार्यक्रम में शामिल मजदूर नेता चंद्रजीत यादव, सुनील कुमार संतोष कुमार मोहम्मद वकील मोहम्मद एजाज, रंजू कुमारी सीमा देवी रितु देवी सविता देवी आदि ने सावित्रीबाई फुले का सभी स्कूलों में प्रतिमा लगाने की मांग किया।

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