सिंघिया नगर पंचायत में पिछड़ी जाति पर भारी पड़ा अगरी जाति यानी चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को जिताने का निर्णायक वोट सामान्य जाति का महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिंघिया नगर पंचायत में चुनाव में पिछड़ी जाति पर भारी पड़ रहा है अगरी जाति, चेयरमैन वाइस चेयरमैन को जिताने का निर्णायक वोट सामान्य जाति का ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूर्व से ही सिंधिया एक दो तीन में राजपूतों का बहुलता है तो हम आपको बता रहे हैं कि पिछड़ी जाति में चेयरमैन के पद से एक खास समुदाय के उपजाति से तीन उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए चुनाव प्रचार में भीर कर एड़ी चोटी एक किए हुए हैं मतदाता लोगों के बीच जाकर महिमा मंडप गूथ रहे हैं कि मुझे जिताने का काम कीजिए तो विकास का गंगा बहा दूंगा लेकिन इनलोगो को जाति का वोट विभाजन होने की शंका से इनकार नही की जा सकती है। आश्चर्य तो इस बात को लेकर है की एक खास जाति समुदाय से तीन उम्मीदवार लगभग एक ही जगह के हैं जिसमें एक राजनीति का चाणक्य है उनके चुनावी नीति को समझना अन्य लोगों के लिए बड़े कठिन है लेकिन उनके परिवार से पंचायती राज में तीन बार प्रतिनिधित्व किया जा चुका है निवर्तमान में भी मुखिया रह चुके हैं इसलिए लोग तो सत्ता में रहने वाले का बहुत विरोध किया करता है और नया चेहरा को पसंद करता है इसलिए लूट में चरखा नफा वाली कहावत यहां पर चरितार्थ लग रही है कि यह लोग आपस में लड़ रहे हैं जिसका फायदा कोई तीसरा व्यक्ति ना लें।फलतः यहां पर तीसरा व्यक्ति सिकंदर का मुकद्दर बन सकने से इंकार नहीं की जा सकती है। संभवतः अगरी जाति का भी इशारा कहीं और देखने को मिल रही है आज शाम चुनाव प्रचार भी थम जाएगा और 28 दिसंबर को चुनाव होगा ।

