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फसल अवशेष जलाने वाले किसानों का रद्द होगा निबंधन, नहीं मिलेगा सरकारी लाभ।

फसल अवशेष जलाने वाले किसानों का रद्द होगा निबंधन, नहीं मिलेगा सरकारी लाभ।



फसल कटाई के बाद बचे हुए शेष भाग डंठल और पुआल आदि को जलाने से होने वाली समस्याओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए बेगूसराय जिला प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग और पशुपालन विभाग मिलकर काम करेगा।


डीएम रोशन कुशवाहा ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से मिट्टी का तापमान बढ़ता है, मिट्टी में उपलब्ध जैव कार्बन जलकर नष्ट हो जाता है। सूक्ष्म जीव मित्र कीट, केचुआ आदि मर जाते है, वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साईड की मात्रा बढ़ जाती है, श्वास लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, नाक एवं गले की समस्या बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर जागरूकता और कारवाई के लिए फसल अवशेष प्रबंधन पर जिला स्तरीय अन्तर्विभागीय कार्य समूह के कार्य एवं दायित्वों के संबंध में सदस्यों को अवगत कराया गया है।


जिला कृषि पदाधिकारी एवं आत्मा के परियोजना निदेशक जिले की सभी कम्बाईन हार्वेस्टर मालिक और चालक से शपथ-पत्र लेने के बाद ही संचालन आदेश देंगे। पंचायत स्तरीय किसान चौपाल एवं कृषि विभाग के कार्यक्रमों में फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणाम से किसानों को जागरुक किया जाएगा एवं पंचायत स्तर पर माईकिंग भी कराया जाय। पंचायत स्तरीय किसान चौपाल में फसल अवशेष से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण, फसल अवशेष को वेस्ट डिकम्पोजर के प्रयोग से जैविक खाद का निर्माण, गेहूं की बुआई में हैप्पी सीडर एवं जीरोटिलेज मशीन के प्रयोग के संबंध में किसानों को जागरुक किया जाएगा।


डीएम ने बताया कि समय-समय पर समाचार पत्रों में विज्ञापन, लघु चित्र तथा रेडियो जिंगल के माध्यम से किसानों को जागरुक किया जाएगा। आत्मा एवं वन विभाग जिले के सभी 229 पंचायतों, सभी प्रखंड, अनुमंडल कार्यालयों में फसल अवशेष नहीं जलाने का बैनर और पोस्टर लगाएगा। सिविल सर्जन को सभी एएनएम एवं आशा कार्यकर्त्ताओं को भी फसल अवशेष जलाने के दुष्परिणाम, मनुष्यों विशेषकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य यथा श्वास लेने में तकलीफ, नाक, कान, गला में जलन तथा अन्य बीमारियों के बारे में आमजन को जागरुक करने के संबंध में जागरुक करने का निर्देश दिया गया है।


छात्र-छात्राओं के बीच फसल अवशेष नहीं जलाने के संबंध में वाद-विवाद प्रतियोगिता, चित्रकला आदि का आयोजन एवं चेतना सत्र में फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए जागरूक करने का आदेश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है। इसके लिए संबंधित पम्पलेट एवं बैनर उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग के तहत कार्यरत जीविका दीदी तथा मनरेगा कार्यकर्त्ताओं के माध्यम से फसल अवशेष नहीं जलाने के प्रति जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।


पशुपालन विभाग पशुपालकों के बीच खरपतवार एवं फसल अवशेष भेड़, बकरी को चराने तथा फसल अवशेष का फॉडर ब्लॉक बनाकर निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों का पंजीयन तीन वर्षों के लिए रद्द कर किसान पंजीयन की सूची जिला, प्रखंड एवं पंचायत के कृषि कार्यालय पर प्रदर्शित किया जाएगा तथा ऐसे किया जाएगा तथा ऐसे किसानों को किसी भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।

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