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तेघड़ा के अयोध्या गंगा घाट पर शिक्षाविद् सह पत्रकार गुरूदेव देवभूषण ईश्वर का पार्थिव शरीर पंचतत्व में हो गया विलीन।

तेघड़ा के अयोध्या गंगा घाट पर शिक्षाविद् सह पत्रकार गुरूदेव देवभूषण ईश्वर का पार्थिव शरीर पंचतत्व में हो गया विलीन।




बरौनी /बेगुसराय- लब्ध प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवम  वरिष्ठ पत्रकार देवभूषण ईश्वर जी के पार्थिव शरीर 30 नवम्बर दिन के 10 बजे श्री विष्णुदेव नारायण उच्च विद्यालय तेयाय होते हुए। रघुनंदनपुर-ताजपुर-आधारपुर-तीनमुहानी चौक होते हुए। 11 बजे पूर्वाह्न तेघरा स्थित राष्ट्रीय उच्च  विद्यालय एवम 11:45 पूर्वाह्न ओमर विद्यालय लाया गया।  उन्हें हजारों के कतार में छात्र छात्राओं, शिक्षक सहित पत्रकार सभी ने  श्रधांजलि अर्पित किया। उनके श्रद्धांजलि यात्रा में दर्जनों चार चक्का वाहन और सैकड़ों मोटोसाइकिल वाहन  उनके पार्थिव शरीर के साथ चल रहे थे। सारा शहर देवभुषण बाबू अमर रहे के नारों से गुंजायमान हों रहे थे।इस अवसर पर जिला पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष सालिग्राम सिंह , जिला प्रभारी महंत राम जीवन दास , भाकपा के पूर्व एमपी सत्रुधन प्रसाद सिंह ,  अयोध्या प्रसाद सिंह महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य अमरेश शांडिल्य,विधायक रामरत्न सिंह , तेघरा पत्रकार संघ के शशिभूषण भारद्वाज, अशोक जी, रोहित बिहारी, सहित क्षेत्र के सभी  शिक्षक गण , छात्र छात्रा गण नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें अंतिम विदाई दी ।उसके बाद उनके पार्थिव शरीर का दाह संस्कार अयोध्या गंगा घाट पर अपराह्न एक बजे पर किया गया।



उनके द्वारा किए गए कार्यों से पूरे क्षेत्र की जनता उन्हें आज अंतिम घड़ी में भावभीनी विदाई देकर उन्हें अमर कर दिया। कर्म का फल मीठा होता है। इसीलिए कहा गया है कि कर्म प्रधान विश्व करि राखा जो जस करहिं वो तस फल चाखा। देव ईश्वर बाबू को लोगों के बीच किए गए अच्छे कर्मों काफल आज क्षेत्र के लोगों ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से श्रद्धांजलि देखकर उन्हें दे दिया।

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