मधुबनी जज हमला: पुलिस एसोसिएशन ने आरोपी पुलिसवालों को बताया निर्दोष, जज पर ही जूते से पीटने का लगाया आरोप।
झंझारपुर जज हमला मामले में पुलिस मेंस एसोसिएशन दरभंगा ने हाईलेवल जांच की मांग की है. इस मामले में आरोपी पुलिसवाले का DMCH दरभंगा के कैदी वार्ड में इलाज चल रहा है. एसोसिएशन के लोगों ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए जज अविनाश कुमार पर ही पुलिसवालों को जूते से मारने का आरोप लगाया है.
मधुबनी के झंझारपुर न्यायालय में जज पर हमला करने के आरोप में दो पुलिसकर्मी को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया. उससे पहले अदालत में मौजूद लोगों ने दोनों पुलिसवालो की जमकर धुनाई कर दी. दोनों पुलिसकर्मी गोपाल कृष्ण और अभिमन्यू शर्मा का दरभंगा के DMCH अस्पताल के कैदी वार्ड में इलाज चल रहा है.
शुक्रवार को घायल पुलिसवालों का हालचाल जानने पुलिस मेंस एसोसिएशन के कई पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे. जहां इन्होंने पूरी घटना की जानकारी अपने घायल साथियों से ली. एसोसिएशन के अधिकारियों ने घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की जांच के लिए कमिटी बनाने की मांग की. कमिटी में वरीय जज के अलावा पुलिस के वरीय पदाधिकारी और सिविल अधिकारियों को शामिल करने की मांग की गई. इसके अलावा घटनास्थल पर लगे सभी CCTV के फुटेज को भी साक्ष्य के रूप में देखने की मांग की.
एसोसिएशन का कहना है कि इस घटना में जो भी दोषी हैं, उसे सख्त से सख्त सजा मिले. हालांकि आरोपी साथियों को निर्दोष बताते हुए एसोसिएशन ने जज अविनाश कुमार पर ही पुलिसवालों को जूते से मारने का आरोप लगाया.
एसोसिएशन के मुताबिक आरोपियों की बस यही गलती थी कि जज साहब ने उन्हें ग्यारह बजे दिन में बुलाया था, लेकिन पब्लिक के काम में व्यस्तता के कारण ये लोग दिन के लगभग दो बजे पहुंचे थे. इसी बात को लेकर जज नाराज हो गए और जूते से मारने लगे, बचाव में घायल पुलिसवालों ने उन्हें रोका तो वे शोर मचने लगा. इसके बाद वकील और न्यायालय के कर्मियों ने बेरहमी से दोनों पुलिसवालों की पिटाई कर दी. अपराधी से भी बदतर हाल में इन्हें बाथरूम में बंद कर दिया.

