बेगूसराय का लाल झारखंड में शहीद: गुमला में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मुरारी कुमार ने दी शहादत।
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर प्रखंड में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब खबर मिली कि गांव का सपूत मुरारी कुमार (22 वर्ष) झारखंड के गुमला में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गया है। शहीद मुरारी कुमार इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) में तैनात थे और श्रीपुर पंचायत के उप मुखिया प्रदुमन चौधरी उर्फ बरे लाल के छोटे पुत्र थे।
मुठभेड़ में हुए थे घायल
जानकारी के अनुसार, झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम स्थित सारंडा के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस गोलीबारी में मुरारी कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की।
देर रात 'अमर रहे' के नारों से गूंजा गांव
शनिवार देर रात करीब दो बजे जब शहीद का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से उनके पैतृक गांव पहुँचा, तो पूरा इलाका 'भारत माता की जय' और 'शहीद मुरारी अमर रहे' के नारों से गूंज उठा।
तिरंगा यात्रा: सैकड़ों युवाओं ने सीवरी पुल पर तिरंगे के साथ शहीद की अगवानी की।
भावुक माहौल: जैसे ही पार्थिव शरीर घर पहुँचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं हजारों की संख्या में उमड़े ग्रामीण अपनी आंखों में आंसू लिए वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए कतारबद्ध रहे।
परिवार का बुरा हाल
मुरारी के भाई सत्यम चंद्र ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। अचानक तबीयत खराब होने की सूचना मिली और उसके बाद शहादत की खबर आई। 22 साल की कम उम्र में देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले मुरारी की वीरता पर आज पूरे जिले को गर्व है।


