बेगूसराय: मौत के मुंह से खींच लाई आरपीएफ की तत्परता, चलती ट्रेन में चढ़ते समय गिरी महिला की बची जान
बेगूसराय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 1 पर रविवार सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान अनियंत्रित होकर प्लेटफार्म और पटरी के बीच जा गिरी। लेकिन कहते हैं न कि 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय'—मौके पर देवदूत बनकर तैनात आरपीएफ अधिकारी ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए महिला को सुरक्षित बाहर खींच लिया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 9:50 बजे की है। गाड़ी संख्या 15713 (अप) कटिहार-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस प्लेटफार्म से खुल रही थी। इसी दौरान सीतामढ़ी जिले की रहने वाली देवंती देवी अपने परिवार के साथ ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में चलती हुई बोगी में चढ़ने लगीं। गति होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पैर फिसलने से सीधे प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच के खतरनाक गैप में फंस गईं।
आरपीएफ अधिकारी की बहादुरी
स्टेशन पर मौजूद यात्री यह मंजर देख सन्न रह गए और अफरा-तफरी मच गई। तभी वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ बेगूसराय के उप-निरीक्षक (SI) संजय कुमार सहनी ने बिना एक पल गंवाए बिजली जैसी तेजी दिखाई। महिला ट्रेन के पहियों के नीचे आती, उससे पहले ही उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी इस सतर्कता ने एक हंसते-खेलते परिवार को बिखरने से बचा लिया।
यात्री का परिचय
हादसे का शिकार हुई महिला की पहचान सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी थाना क्षेत्र स्थित बनगांव बाजार निवासी देवंती देवी (पति- दुर्गा शाह) के रूप में हुई है। वह अपने पति और बच्चों के साथ बेगूसराय से राजेंद्र नगर जाने के लिए ट्रेन पकड़ रही थीं।
रेलवे की अपील
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों से सुरक्षा नियमों के पालन की अपील की है। अधिकारियों ने कहा:
"जल्दबाजी जानलेवा हो सकती है। किसी भी परिस्थिति में चलती हुई ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। आपकी एक छोटी सी चूक जीवन भर का दर्द दे सकती है।"
बहादुर आरपीएफ जवान संजय कुमार सहनी के इस साहसिक कार्य की पूरे स्टेशन परिसर और सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है।


