पंच सरपंच संघ ने मुखिया संघ से जनहित में सामाजिक न्याय के साथ सर्वांगीण विकास हेतु संघर्ष तेज करने का किया अपील
त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि महासंघ को पुनर्गठित कर सम्मान सुरक्षा सुविधा वेतन बीमा भत्ता पेंशन अधिकार के सवाल को लेकर करें आंदोलन तेज - किरण देव यादव
त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि महासंघ गांधी जी के सपना ग्राम स्वराज को धरातल पर उतारने को लें संकल्प
खगड़िया। बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह खगड़िया जिला अध्यक्ष किरण देव यादव ने मुखिया संघ से समाजिक न्याय के साथ समाज का सर्वांगीण विकास हेतु तथा त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि महासंघ बनाकर सम्मान सुरक्षा सुविधा वेतन बीमा भत्ता पेंशन अधिकार के सवाल को लेकर एवं अधिकार कटौती व सरकार द्वारा सौतेला पन व्यवहार अनदेखी उपेक्षा के खिलाफ आंदोलन तेज करने का अपील किया है।
श्री यादव ने कहा कि आम जनता के एक ही वोट से एमएलए एमपी एवं ग्राम स्वराज पंचायती राज के प्रतिनिधि गण जीत के आते हैं। तो फिर सम्मान सुरक्षा सुविधा वेतन बीमा भत्ता पेंशन अधिकार में धरती और आसमान का अंतर क्यों है? भेदभाव पूर्ण विषमता व्याप्त क्यों है? एक व्यक्ति यदि दो दो तीन चार बार एमएलए एमपी बनता है तो चार-चार बार पेंशन सुविधा मिलती है तो फिर क्यों नहीं पंचायती राज व्यवस्था के प्रतिनिधियों को भी पेंशन दी जाती है ? यह यक्ष प्रश्न राज्य एवं केंद्र सरकार के सीएम पीएम से आंदोलन के माध्यम से सवाल उठाने की जरूरत है।
श्री यादव ने कहा कि सरकार "फूट डालो एवं राज करो" के अंग्रेजी कहावत को आज भी चरितार्थ कर रही है। जहां एक ओर पंच सरपंचों को भी झूठा आश्वासन एवं छद्म घोषणाएं कर सरकार ठग रही है, वहीं दूसरे तरफ मुखिया को भी अधिकार कटौती की जा रही है। जिला पार्षद, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, मुखिया, पंच सरपंच सबको सरकार अधिकार छीन कर तमाम अधिकार को केंद्रीकृत किया जा रहा है। तो फिर सत्ता का विकेंद्रीकरण का क्या मतलब होगा ? आज गांधी जी के ग्राम स्वराज के सपना पर कुठाराघात किया जा रहा है।
आज गांव की सरकार का अधिकार छीनकर गांव का विकास से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि या तो 2000 ई एवं 2006 से ही सभी पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित पेंशन वेतन दिया जाए या एमएलए एमपी एमएलसी भी पेंशन लेना बंद करें । हम पंचायत प्रतिनिधि भी देश समाज जनहित में वेतन भी नहीं लेंगे, सच्चे अर्थों में हम सभी को लोक सेवक के रूप में कार्य करना चाहिए। एवं कार्यपालिका का भी जरूर से ज्यादा दी जा रही वेतन में कटौती की जाए।
श्री यादव ने उक्त सवालों को लेकर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि महासंघ बनाकर हक हकूक अधिकार के सवाल को लेकर गांव की विकास गांव के सरकार के द्वारा करने हेतु संयुक्त आंदोलन तेज करने का आह्वान किया है। जिसमें पंच सरपंच संघ, मुखिया संघ, वार्ड सदस्य संघ सहित पंसस एवं जिला पार्षद के सहभागिता से गांव की संपूर्ण अधिकार युक्त मुकम्मल सरकार बनाने की जरूरत है।
हम सबों को आपसी गिला शिकवा भेदभाव भुलाकर सच्चे अर्थों में जनहित में समाज की सर्वांगीण विकास व सामाजिक न्याय को लेकर आंदोलन का आगाज कर आवाज बुलंद करना चाहिए।
श्री यादव ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगे को पूरी नहीं करेगी तो हम सभी त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि महासंघ विधानसभा, लोकसभा, विधान पार्षद हेतु चुनावी तैयारी गांव की सरकार बनाने के लिए संयुक्त चुनावी अभियान में उतरेंगे तथा सरकार के एमएलए, एमपी, एम एल सी के दलगत टिकटार्थी को बहिष्कार करेंगे।
आइये, हम सब मिलकर गांधी जी का सपना साकार करने हेतु एक मजबूत पहल करें, अभियान चलाएं, आंदोलन तेज करें।


