201 शिक्षक की उपस्थिति के बिना ही कैसे हुई मैट्रिक की परीक्षा 5 केंद्रों पर।
शिक्षक अनुपस्थित थे तो केंद्राधिक्षक क्यों नहीं किए सूचित
क्या जानबूझ कर ज्यादा शिक्षकों को प्रति नियोजित किया गया
2022 की परीक्षा में शिक्षक की उपस्थिति विवरणी को लेकर ही योजना लेखा के लिपिक किशोर मिश्रा निगरानी के हत्थे चढ़े थे
डीईओ कार्यालय के कौन ऐसे कर्मी है जो इस खेल को खेल रहे हैं
201 शिक्षक की उपस्थिति के बिना ही कैसे हुई मैट्रिक की परीक्षा पांच केंद्रों पर उठने लगे हैं सवाल कौन है इसके दोषी कब होगी कार्रवाई। जब 20 शिक्षक के अनुपात में एक शिक्षक की लगी ड्यूटी जहां 2550 शिक्षक को इनविजीलेटर के पद पर नियुक्त किया गया था वही 5% अधिक शिक्षकों को रिजर्व में रखा गया था तो फिर कैसे बिना 201 शिक्षक के मैट्रिक की परीक्षा 5केंद्रों पर हो गई संपन्न परीक्षा कि ड्यूटी में प्रति नियोजन को लेकर आया एक नया मोड़ जहां अपने अपने परिचितों को अनुमोदन करा कर मैट्रिक की परीक्षा में वीक्षण कार्य के लिए प्रति नियोजन करवाकर घर में आराम से बैठने वाले शिक्षकों पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने गिराई गाज।तो वही इस कार्रवाई से भी उठने लगे हैं कई सवाल कि आखिरकार ज्यादा शिक्षकों का परीक्षा ड्यूटी में कैसे प्रति नियोजन कर दिया गया। अगर ज्यादा शिक्षकों की आवश्यकता नहीं होती है तो भी परीक्षा ड्यूटी के नाम पर शिक्षकों का प्रति नियोजित करने का खेल बदस्तूर चलता रहता है । ज्ञात हो कि तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत परवीन के समय परीक्षा ड्यूटी में लगाए जाने वाले शिक्षकों का रेडमाइजेशन प्रणाली को अपनाया गया था लेकिन इसके बावजूद इस धंधे को फलने फूलने के कार्य में सहयोग करने वाले शिक्षक या जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के एक दो कर्मचारी की मिलीभगत से शिक्षकों का प्रति नियोजन करवा दिया जाता है बताते चलें कि 2022के परीक्षा के मामले में ही योजना लेखा में कार्यरत लिपिक किशोर मिश्रा निगरानी के हत्थे चढ़े थे। उसमें भी एक शिक्षिका की उपस्थिति और अनुपस्थिति का मामला ही तूल पकड़ा था जिसमें मैनेज के नाम पर राशि की लेनदेन की बात सामने आई थी जिसके कारण निगरानी के द्वारा कार्रवाई की गई वहीं सूत्रों की माने तो इस धंधे में एक दो कर्मी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में सनलिप्त है आखिरकार इन कर्मचारी के ऊपर किनका हाथ है या फिर यू कहे की बहेलिया जाल बिछायेंगा दाना डालेंगे कबूतर फंसेगा वाली कहानी हो गई। परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए शिक्षक फस गए जिला शिक्षा पदाधिकारी शर्मिला रहने 21 फरवरी को जिले के 5 परीक्षा केंद्र का जायजा लिया जहां पर 201 शिक्षक गायब पाए गए इसी को लेकर, सीताराम राय प्लस टू विद्यालय में 17 बीएसएस प्लस टू स्कूल हरपुर, 32 बीएसएस कॉलेजिएट प्लस टू स्कूल में 37 एबीएस कॉलेज खम्हार में 53 बीपी उच्च विद्यालय में 62 शिक्षक परीक्षा ड्यूटी से गायब पाए गए। अब सवाल उठता है कि इतने शिक्षकों के अनुपस्थित के परीक्षा का संचालन कैसे हुआ? और परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक ने इसकी जानकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी को क्यों नहीं दिया? इसी तरह के कई सवाल उठने लगे हैं क्या शिक्षा विभाग और केंद्राधीक्षक के बीच में कौन बिचौलिए हैं जो इस तरह का कार्य कर रहे थे फिलहाल गायब 201 शिक्षकों के वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है तो वहीं पांचो केंद्राधीक्षक से भी स्पष्टीकरण की मांग की गई है, बताते चले कि मैट्रिक परीक्षा के दौरान जिले के पांच परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक समेत 201 वीक्षकों के वेतन पर डीईओ शर्मिला राय ने अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी। साथ ही, केंद्राधीक्षक से शोकॉज भी किया है। डीईओ ने 21 फरवरी को मैट्रिक परीक्षा के दौरान स्कूलों का निरीक्षण किया था। डीईओ ने केंद्राधीक्षक को गायब शिक्षकों से शोकॉज प्राप्त कर अपना भी स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

