अमृत महोत्सव के अवसर पर नाट्य संस्था बहुरंग बेगूसराय के निदेशक अवध कुमार ठाकुर के द्वारा 15 दिनों की बहुरंग प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला आयोजित।
पूरा देश अभी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है इस अमृत महोत्सव के अवसर पर नाट्य संस्था बहुरंग बेगूसराय के निदेशक अवध कुमार ठाकुर के द्वारा आवासीय जीवन ज्योति गुरुकुल में 15 दिनों की बहुरंग प्रस्तुति परक नाट्य कार्यशाला आयोजित की गई । जिसमें गुरुकुल के लगभग 25 बच्चों ने देश की नई शिक्षा नीति के तहत स्किल डेवलपमेंट , वायक्तित्व विकास ,एकाग्रता और अभिनय के गुर सीखे।
कार्यशाला का समापन सफदर हाशमी द्वारा लिखित और अवध कुमार ठाकुर द्वारा निर्देशित नाटक औरत के मंचन से किया गया ।नाटक पूर्व गुरुकुल निदेशक दीपक कुमार , उमाशंकर सिंह, अवध कुमार ठाकुर द्वारा अपने- अपने उद्बोधन से कला और कला के महत्व के बारे में बताया । नाटक औरत के मंचन से औरत पर हो रहे ज़ुल्म और तिरस्कार ,बेरोजगारी से उत्पन्न होने वाले सामाजिक हिंसा, नशे के कुप्रभाव को बच्चों ने सफलता पूर्वक दर्शकों के सामने रखा।
नाटक के एक पहलू के अनुसार पिता (रजत मानस) जिसकी कमाई स्कूल के फीस के बराबर है अपनी बच्ची (सिम्मी कुमारी) को स्कूल जाने से रोक देता है फिर कुछ दिनों बाद उसकी शादी एक ऐसे आदमी (दक्ष आर्य ) से करा देता है जो रोज़ शराब पीकर घर आता है और अपनी औरत को मारता पीटता है । शादी के वक्त उस औरत से पूरा पुरुष समाज वचन लेता है तुम घर के सारे काम करेगी सबकी सेवा करोगी इस घर में रानी नही नौकरानी की तरह जीवन व्यतीत करोगी। वहीं दूसरे पहलू में खदानों में काम कर रहे मजदूरों की पीड़ा को दिखाया गया जिसमें खदान मालिक(निर्णय वत्स) मज़दूरों पर अन्याय करता है उससे कम तनख्वाह में ज्यादा काम करवाया जाता है। नाटक में गुंजन कुमारी औरत की पीड़ा को दिखाने में सफल रही ।सूत्रधार की भूमिका में खुशी कुमारी और केशव कुमार ने अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहे । पंडित की भूमिका में अमृत आनंद ने ध्यान खींचा ।वहीं अन्य पत्रों की भूमिका में आलोक कुमार,शिखा कुमारी,अब्दुल, मोनी,नयनतारा,हबीबा ,अंतरिका ,प्रीति, सत्यम,राहत,आलोक राज,और अजीत कुमार ने अपने अभिनय से दर्शकों को बांधकर रखने में सफल रहे।मौके पर चंदन कश्यप,राजेश कुमार ,सुमन भारती,कुंदन कुमार, खुशबू कुमारी,शोभा जी और अन्य उपस्थित थे।



