वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ देवी जागरण, अष्टादश भुजेश्वरी मां दुर्गा मंदिर का पट खुला, भक्तजनों का लगा तांता।
भजन व संकीर्तन सुन भक्त हुए आनंदित, गुरु अलख से लिया आशीर्वाद एवं दीक्षा
Arvind Verma
खगड़िया।
गणेश चतुर्दशी के पावन पर्व पर समाहरणालय के सामने बाबा दिनेश गुरु अलख द्वारा स्थापित अलख आश्रम परिसर में अवस्थित अष्टादश भुजेश्वरी मां दुर्गा मन्दिर में काशी (वाराणसी) के ज्योतिषी दिव्यांश दूबे और चतरा, हजारीबाग (झारखंड) के पंडित धीरेन्द्र शर्मा के वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजा पाठ कर देवी माता को जगाया गया और महीने से बंद पड़े मंदिर का पट भक्तजनों के दर्शनार्थ व पूजनार्थ खोल दिया गया। बेगुसराय से पधारे भजन गायक अरविन्द पाठक एवं उनकी पार्टी द्वारा प्रस्तुत भजन व संकीर्तन सुन भक्तजन काफी आनंदित हुए। पूरा मंदिर परिसर और आस पास का इलाका भक्तिमय वातावरण से आच्छादित हो गया। कुंवारी कन्याओं को भोजन कराने के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया गया। विंध्याचल (यूपी) से पधारे दिनेश बाबा गुरु अलख की देखरेख एवं निर्देशन में सारा धार्मिक कार्य हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। विंध्याचल (यूपी) से ही माता प्रमिला भी पधारी और महिलाओं से रूबरू हुई। भक्तजनों की अपनी अपनी समस्याओं का भी गुरू अलख द्वारा समाधान किया गया। सनद रहे, विगत 26 नवम्बर 2022 से ही दुर्गा मंदिर में तालाबंदी हुई थी। मन्दिर का पट खुलते ही साक्षात देवी मां का दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अप्रत्याशित भीड़ उमड़ पड़ी। फरकिया क्षेत्र के अलावा बिहार के विभिन्न हिस्सों से आकर भक्तजन मां का दर्शन किए और गुरु अलख से आशीर्वाद एवं दीक्षा भी लिए। अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केन्द्र के संस्थापक महर्षि अरविन्द ने बंद पड़े दुर्गा मंदिर का पट खुलने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए विंध्याचल से आए गुरु अलख को फरकिया क्षेत्र की जनता की तरफ से साधुवाद दिया। उक्त अवसर पर उपस्थित भक्तजनों में प्रमुख थे राज कुमार चौधरी, प्रियंका चौधरी, विजय कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, मनीष कुमार, प्रियंका कुमारी, चंदा देवी, सितारा कुमारी, प्रकाश यादव तथा सुमन रजक आदि।

