महिला तस्कर के चंगुल से 8 वर्षीय एक गरीब बच्चा को पुलिस ने मुक्त कराया।
हर्ष कुमार को बिस्कुट खिलाकर बेहोश कर कटिहार से बरौनी ले आई।
फुलवरिया थाना पुलिस ने उक्त गरीब बच्चे के परिजनों को सूचना देकर और ₹5000 देकर उसे पढ़ाने के लिए परिजनों के साथ भेज दिया।
बरौनी/बेगूसराय- बीते दिनों फुलवरिया थाना की टाइगर पुलिस ने गश्ती के दौरान 3:00 बजे भोर में 8 -वर्षीय एक बच्चे को शो- कहारा पुरानी बस स्टैंड के पास एक स्कूल बैग के साथ भटकते पाया। शंका होने पर उक्त बच्चे से जब पूछताछ की गई। तो उक्त बच्चे ने अपना नाम हर्ष कुमार बताया और अपनी माता के साथ यहां तक आने की बात बताई। जबकि पुलिस द्वारा घंटों खोजबीन करने के बावजूद भी माता के नाम पर उक्त महिला तस्कर का पता नहीं चला ।तब पुलिस ने उक्त बच्चे को अपने साथ थाना पर ले आए और उसके बैग से तलाश करने पर एक मोबाइल का नंबर प्राप्त हुआ जो उनके परिजनों का नंबर था।
तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा हर्ष अपने मौसी के यहां रह कर पढ़ाई करता था ,जबकि उसके पिता गरीबी के कारण ई रिक्शा चलाता है और गरीबी के कारण लड़के के मौसी रीता देवी के यहां कटिहार में उसे पढ़ने केण लिए भेज दिया था।
माता-पिता से दूर रहकर उक्त बच्चे को मां का प्यार नसीब नहीं होता था, इसी क्रम में एक तस्कर महिला ने उसे माता का प्यार देना प्रारंभ कर दी और बिस्किट खिला कर उसे बेहोश कर कटिहार से बरौनी ले आई। फिर बच्चे को लैट्रिन जाने का बात कह कर उक्त तस्कर महिला पुलिस को देखते ही लापता हो गई।
लेकिन कहा गया है कि जिसका कोई नहीं ,उसका तो खुदा है यारों। उक्त बच्चे को फुलवरिया थाना की पुलिस खुदा के रूप में मिल गई और तस्करों से उसकी मुक्ति करवा दी।
फुलवरिया थाना अध्यक्ष नवीन कुमार ने उनके परिजनों को सूचना देकर थाने पर बुलाया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उक्त बच्चे को ₹5000 गरीबी में पढ़ाई के नाम पर देकर परिजनों को सौंप दिया।
मां से दूर रहने का उक्त बच्चे को उक्त महिला ने माता का भावनात्मक सनेह देकर बिस्किट खिला कर नशा में बेहोश कर उसे ले उड़ी। थाना अध्यक्ष के अनुसार उनके परिजनों से जांच पड़ताल करने पर यह कहा जाता है कि उक्त बच्चे को माता का भावनात्मक सनेह देकर उक्त महिला तस्कर ने बच्चे को अपने प्यार के बस में करके भागने में सफल हो गई। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। थाना अध्यक्ष ने बच्चे के परिजनों की गरीबी को देखते हुए उसे ₹5000 देकर पढ़ाने पर जोर दिया और जरूरत पड़ने पर आगे भी मदद करने की बात कही।

