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ज्योतिबा फुले का 195 वां स्मृति दिवस समाज सुधार दिवस के रुप में मनाया।

ज्योतिबा फुले सच्चे अर्थों में महान समाज सुधारक, प्रथम शिक्षक, दार्शनिक, लेखक, प्रथम शिक्षक, महात्मा थे - किरण देव यादव।



ज्योतिबा फुले का 195 वां स्मृति दिवस समाज सुधार दिवस के रुप में मनाया।


28 नवंबर 2022 

अलौली खगड़िया बिहार



मिशन सुरक्षा परिषद, फरकिया मिशन देश बचाओ अभियान के संयुक्त तत्वाधान में महात्मा ज्योतिबा फुले का 195 वां पुण्यतिथि को समाज सुधार स्मृति दिवस के रूप में ग्राम कचहरी अलौली के सभागार में मनाया गया।

इस अवसर पर इनके प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि समर्पित कर 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई तथा ज्योतिबा फुले अमर रहे के नारा को बुलंद किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मिशन सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय सचिव सह फरकिया मिशन देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने कहा कि ज्योतिबा फुले सच्चे अर्थों में महान आदर्शवादी समाज सुधारक, दार्शनिक, लेखक बहुयामी प्रतिभा के धनी, प्रथम शिक्षक, महात्मा थे।

इनका जन्म 11 अप्रैल 1827 तथा मृत्यु 28 नवंबर 1890 ईस्वी में हुआ।

ज्योतिबा फुले का जन्म माली विरादरी के परिवार में महाराष्ट्र के सतारा जिले के कटगुण में हुआ था. उनका पूरा नाम ज्योतिराव गोविंदराव फुले था. पिता गोविंदराव तथा माता चिमणा बाई थीं. उनके एक वर्ष के आयु में उनकी माँ का निधन हो गया. उनका पालन-पोषण सगुनाबाई नामक एक दाई ने किया. ज्योतिबा फुले का विवाह साल 1840 में सावित्री बाई फुले से हुआ था. लेकिन उन्हें  कोई संतान नहीं हुआ, तब उन्होंने एक विधवा के बच्चे को गोद ले लिया। उन्होंने शिक्षा का प्रथम दीप जलाने हेतु स्कूल का स्थापना किए  तथा समाज में सामाजिक बुराइयां कुरीतियां को समाप्त करने हेतु तथा एक नए स्वच्छ स्वस्थ सुंदर शिक्षित विकसित, शोषण व वर्ण विहीन, समतामूलक समाज के निर्माण के लिए "सत्यशोधक समाज" का स्थापना किया। उन्होंने कई किताबें सहित गुलामगिरी जैसे लोकप्रिय पुस्तक लिखे। उन्होंने अंधविश्वास पाखंडवाद कर्मकांड विषमता बुराई एवं कुरुतियां के खिलाफ अनवरत संघर्ष किए। उनका सामाजिक बौद्धिक सांस्कृतिक शैक्षणिक राजनीतिक विचार प्रेरणादायक, वे प्रेरणा के स्रोत थे। उनका प्रगतिशील विचार आज भी प्रसांगिक है।

कार्यक्रम में इनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने एवं सामाजिक बुराईयां कुरीतियां को समूल समाप्त करने तथा इनके जीवनी व्यक्तित्व कृतित्व से सीख ले कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में फरकिया मिशन के महासचिव दिनेश शाह, उपाध्यक्ष मोहम्मद फरीदी महेंद्र यादव विजय यादव , सचिव विनोद राम, विश्व मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष महेश्वर यादव सचिव ब्रजनंदन महत्व महतों नरेश सिंह रामचंद्र शाह अर्जुन शाह खलठ महतो आदि ने भाग लिया।

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