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तिलरथ (बेगूसराय)- सहायक थाना चकिया ओपी क्षेत्र अन्तर्गत वार्ड संख्या -08 में पेट्रोल से आग लगने में झुलसजाने से पत्नी की मौत, पति अस्पताल में गिन रहा अंतिम सांसे।

तिलरथ (बेगूसराय)- सहायक थाना चकिया ओपी क्षेत्र अन्तर्गत वार्ड संख्या -08 में पेट्रोल से आग लगने में झुलसजाने से पत्नी की मौत, पति अस्पताल में गिन रहा अंतिम सांसे।



दो महिला सहित रमेश यादव पर नामजद प्राथमिकी दर्ज।


सहायक थाना चकिया ओपी क्षेत्र अन्तर्गत बड़ीयाही गांव गुप्ता बांध वार्ड संख्या -08 में पेट्रोल से आग लगने में पति-पत्नी झुलस गई। जहां घटना की भनक लगते ही स्थानीय लोगों ने इलाज हेतु एलेक्सिया अस्पताल बेगूसराय ले गऐ। जहां इलाज के दौरान एक की मौत हो गई। मिली जानकारी अनुसार पीड़ित परिवार के सदस्य राम गुलाम यादव के 38 वर्षीय पुत्र राजेश यादव ने आइसीयू वार्ड में चकिया ओपी पुलिस को दिए फर्द बयान में कहा है कि हमारे भाई संजय यादव एवं भाभी झालो देवी अपने किराना दुकान में बैठे थे, तभी अचानक रविवार की शाम करीब छः बजे में रमेश यादव, बबिता देवी एवं शोभा देवी आईं और उन्होंने तेल छिड़ककर आग लगा दिया। जिसमें हमारे भाई संजय यादव एवं भाभी झालो देवी पुरी तरह से झुलस गए। जहां इलाज के दौरान भाभी झोला देवी की मौत हो गई तथा भाई संजय यादव आखिरी सांस गिन रहे है ,और जीवन - मौत के बीच झुल रहे है। कांड के सूचक राजेश यादव ने दर्ज मामले में कहा है कि रमेश यादव परिवार के साथ 5-7 वर्ष पहले भी मारपीट हुआ था, जिसमें केस चल रहा है।इधर दो -तीन दिन पहले बड़ा अंजाम भुगतने की चेतावनी दिया था। हमारे भाई संजय यादव किराना स्टोर चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे, अब परिवार के आगे दुःखों का पहाड़ टूट गया है। वहीं इस संबंध में जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष चकिया ओपी दिवाकर प्रसाद सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही चकिया ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया है।मृतका झालो देवी के परिजन राजेश यादव के फर्द बयान पर थाना कांड संख्या -551/22 दर्ज कर मामले की सभी बिंदुओं पर छानबीन किया जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल बेगूसराय में पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को सौंप दिया गया है।इधर झुलसे हुए संजय यादव का चिकित्सक के देखरेख में इलाज चल रहा है।

क्या जमाना आ गया है की छोटी-छोटी बातों पर अगर लेने के बाद उन्हें कानून क्यों हाथों में लेकर मृत्यु दंड दिया जाता है। लेकिन, कानून का हाथ बड़ा लंबा होता है, जांच उपरांत सच्चाई सामने आने पर आरोपी ना घर के रहेंगे, ना घाट के। घटना करने वाले लोगों को जेल की चक्की पीसनी ही पड़ेगी।

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