बेगूसराय:- जिला पदाधिकारी ने सभी SDO/BDO/MOIC एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के साथ जिले में #कोविड19 संक्रमण को रोकने के लिए किए जा कार्यों की समीक्षा की l
डीएम अरविद कुमार वर्मा ने जिले में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार के लिए की जा रही कार्रवाइयों व व्यवस्था की दैनिक समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बैठक कर की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिग में जिला पंचायती राज पदाधिकारी मंजू वर्मा, सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. गोपाल मिश्रा, डीपीएम शैलेश चंद्रा, प्रभात कुमार, सदर डीएसपी राजन सिन्हा, केयर इंडिया प्रतिनिधि गुंजन गौरव, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि गीतिका शंकर मौजूद रहे।
शव को सम्मानपूर्वक हो अंतिम संस्कार : डीएम ने कहा कि कोविड संक्रमित व्यक्तियों के शवों का अंतिम संस्कार जिला प्रशासन की जिम्मेवारी है। इसलिए इस कार्य में किसी भी स्तर से लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। मृतक के स्वजनों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की दशा में संबंधित एमओआईसी, बीडीओ एवं नगर निकायों के पदाधिकारियों को गृह विभाग व समाज कल्याण विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों के आलोक में अंतिम संस्कार कराने का निर्देश दिया। वहीं मृतक के स्वजनों को सहयोग मिलने पर भी उन्हें समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कबीर अंत्येष्टि अनुदान का नियमानुसार लाभ दिलाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
726 होम आइसोलेशन में रहे मरीजों की हुई जांच : डीएम ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के स्वास्थ्य का नियमित अनुश्रवण करने व नियमित रूप से शरीर का तापमान व आक्सीजन स्तर लेने संबंधी कार्रवाई की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम शैलेश चन्द्रा ने बताया कि मंगलवार को सभी प्रखंडों में कुल 726 व्यक्तियों के आक्सीजन स्तर एवं तापमान लिया गया है। सभी मरीजों की स्थिति ठीक पाई गई।
कंटेनमेंट जोन बनाने में हो प्रोटोकॉल का अक्षरश: पालन: डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को कंटेनमेंट जोन बनाने में प्रोटोकॉल का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि दैनिक स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से नए मामलों की सूची प्राप्त करते हुए 24 घंटे के अंदर संबंधित क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन बनाएं व इस दौरान किसी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल अनुमंडल पदाधिकारी को सूचित करते हुए अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
टीकाकरण से जुड़े मामलों की समीक्षा : डीएम ने टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन स्थलों पर टेस्टिग की व्यवस्था है वहां वैक्सीनेशन सत्र स्थल का संचालन नहीं करें। प्रत्येक सत्र स्थलों पर पर प्रतीक्षा कक्ष, टीकाकरण कक्ष के साथ-साथ निगरानी/ देखभाल कक्ष होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सत्र स्थल को टीकाकरण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व अनिवार्य रूप से सैनिटाइज कराना सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण स्थल पर बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ पेयजल भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने 18-44 वर्ष आयु सीमा के लोगों के वैक्सिनेशन हेतु आवश्यक निबंधन प्रक्रिया तथा वैक्सीनेशन स्लॉट बुकिग के संबंध में व्यापक जागरूकता के लिए कोविड पोर्टल या आरोग्य सेतु ऐप के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया।




