श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन ने कार्यालय प्रकोष्ठ में श्रमिकों की समस्याएं सुनी, दोनों पक्षों की सुन सुलझाया मामला, कराया भुगतान

श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन ने कार्यालय प्रकोष्ठ में श्रमिकों की समस्याएं सुनी, दोनों पक्षों की सुन सुलझाया मामला, कराया भुगतान 



न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत मजदूरी का करें भुगतान - निखिल कुमार रंजन, श्रम अधीक्षक 


नए वर्ष में ज़िले के प्रखंडों में रहेंगे श्रम प्रवर्तन अधिकारी, श्रमिकों को नहीं दौड़ना पड़ेगा ज़िला मुख्यालय 


Arvind Verma 


खगड़िया (बिहार)। नए वर्ष में जिले के सभी प्रखंड मुख्यालय में अब प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी नियमित रूप से अपने कार्यालय में रहेंगे। विभागीय कार्यों के निरंतर निष्पादन हेतु टेबुल, कुर्सियां और साइन बोर्ड प्रखंडों में भेजे जा चुके हैं। अब प्रखंड मुख्यालय में ही श्रमिकों के कल्याणार्थ चलाई जा रही हर प्रकार की सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा अब उन्हें अपनी अपनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उस बातें जिला श्रम पदाधिकारी निखिल कुमार रंजन ने मीडिया से कही। आगे उन्होंने कहा चुंकि जिले के अधिकांश श्रमिक अभी तक अपना अपना निबंधन विभाग में नहीं कराए हैं इसलिए वे सरकारी लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा जिले के हर श्रमिक अपना-अपना निबंधन अवश्य करा लें। इसके लिए सरकार की तरफ से ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन ने कहा मुझे विभिन्न स्रोतों से निरंतर शिकायतें मिल रही है कि कुछ नियोजक श्रमिकों का शोषण जान बूझकर कर रहे हैं। खासकर श्रमिकों के श्रम लाभ की राशि का भुगतान करने में भी काफी अनियमिततायें बरती जा रही है। श्रमिकों को अपनी मजदूरी की राशि श्रमिकों के बैंक या पोस्ट ऑफिस बचत अकाउंट के माध्यम से दिए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। श्रम अधीक्षक ने जिले के तमाम नियोजक से अपील किया कि वे न्यूनतम मजदूरी राशि का भुगतान अवश्य श्रमिकों को करें। उन्होंने यह भी कहा बाल मजदूरी रोकने के उद्देश से श्रम विभाग का धावा दल निरंतर कार्य कर रही है । बाल मजदूरों को मुक्ति दिलाने का काम और बाल मजदूरी कराने वालों को दंडित करने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। आज श्रम अधीक्षक निखिल कुमार रंजन ने अपने प्रकोष्ठ में श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए दोनों पक्ष को कार्यालय में बुलाए । श्रम अधीक्षक ने दोनों पक्षों की दास्तान गंभीरता से सुनी और अपना फैसला सुनाया। फैसले में अधिकांशतः समझौता कराकर दोनों पक्ष को संतुष्ट किया गया। लगभग पांच मामलों का निष्पादन किया गया जिससे श्रमिकों का कल्याण हुआ। वैसे श्रमिक श्रम अधीक्षक एवं सरकार को अपनी तरफ से धन्यवाद ज्ञापित भी किया। उक्त अवसर पर मौजूद थे विनय कुमार तथा अन्य कर्मीगण । जिन श्रमिकों के आवेदन पर श्रम अधीक्षक ने फ़ैसला सुनाते हुए मौके पर समझौता करा कर बकाए राशि का भुगतान कराया उनमें प्रमुख हैं गिरीश सिन्हा, एडिसन आदि।

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