ज़िले के ग्रामीण डाक सेवकों ने दिखाई चट्टानी एकता, अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन भी अपनी मांगों पर डटे रहे

ज़िले के ग्रामीण डाक सेवकों ने दिखाई चट्टानी एकता, अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन भी अपनी मांगों पर डटे रहे 



Arvind Verma 


खगड़िया। ग्रामीण डाक सेवकों का राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल आज दूसरे दिन भी सफल रहा। धीरे-धीरे उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आज भी जिले के सभी ग्रामीण डाकघरों में ताला लगा रहा।  डाक का आदान-प्रदान नहीं हुआ। कोई भी कार्य ग्रामीण डाकघरों में नहीं हुआ। सारे ग्रामीण डाक सेवक अपनी 7 सूत्री मांगों पर अडिग हैं। हड़तालियों का कहना है कि इस बार आर पार की लड़ाई होगी। करो या मरो की स्थिति उत्पन्न हो गई। मुख्य डाकघर प्रांगण में पूर्व की भांति आज भी ग्रामीण डाक सेवकों ने चट्टानी एकता का प्रदर्शन किया, धरना दिया और बाजार में घूम-घूम कर लोगों से अपने हड़ताल का समर्थन करने की गुहार भी लगाया। सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। डाक उपभोक्ता डाकघर आए और चले गए। वहीं ग्रामीण डाक सेवकों ने सरकार से पुनः मांग किया कि हमारी सात-सूत्री मांगों को मान लिया जाए और हमें भी सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। हड़ताली ग्रामीण डाक सेवकों में प्रमुख थे अनिल शर्मा, सिकंदर ठाकुर, पंकज पांडे, अशोक कुमार, नीतीश कुमार, संजय ठाकुर, अरविन्द सिंह, अनवर, रामानुज सिंह, सुजीत कुमार, शशि भूषण तिवारी, रामानंद सिंह, ललन शर्मा तथा धीरज सिंह राठौर आदि।

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