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महान शिक्षाविद सर गणेश दत्त की मनाई गई 155 वीं जयंती।

महान शिक्षाविद सर गणेश दत्त की मनाई गई 155 वीं जयंती।



शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति कार्यालय में बिहार के जाने माने महान शिक्षाविद सर गणेश दत्त की 155 वी जयंती सुखदेव सभागार सर्वोदय नगर में  मनाई गई। जिसकी अध्यक्षता शिक्षा के नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने की। अध्यक्षीय संबोधन में शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज ही के दिन सर गणेश दत्त का जन्म1868 में नालन्दा में हुआ था। वह 18 वर्ष की उम्र में उनका दाखिला पटना कॉलेजिएट स्कूल में पांचवी कक्षा में हुआ था। उन्होंने आगे बी०ए पास करने के बाद पटना लॉ कॉलेज से बीएल करने के बाद आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। उनका स्वभाव दानी प्रवृत्ति का था। वे आधुनिक बिहार के निर्माता थे।



 सर पर डॉक्टर चंद्रशेखर चौरसिया ने कहा कि  गणेश दत्त शिक्षाविद और बिहार के प्रथम शिक्षा मंत्री थे| ऐसे मोहन सर गणेश दत्त को मेरा शत-शत नमन|इस अवसर पर इंजीनियर  आलोक कुमार ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन शिक्षा को समर्पित था। और उन्होंने शिक्षा के प्रचार और प्रसार के लिए जो काम किया वह आज नील का पत्थर है। आज बेगूसराय का जीडी कॉलेज सर गणेश दत्त के नाम से प्रसिद्ध है  और पटना साइंस कॉलेज भी उन्होंने दान कर दिया। इस अवसर पर सरोज चौधरी ने कहा कि सर गणेश दत्त सत्यवादी थे। जिन्होंने शिक्षा के लिए संघर्ष करके बच्चों को आगे बढ़ाने का हौसला रखते थे। इस अवसर पर समाज सेवी अर्चना कुमारी, महिला सेल सचिव सुनीता देवी, इंजीनियर खुशी कुमारी,राजेंद्र महतो अधिवक्ता जेपी सेनानी, दधिचि देह दन समिति के जिला अध्यक्ष सुशील राय ,बाल कलाकार आर्यन राज ,छात्रा आनाय कुमारी, आंचल कुमारी, आसमा कुमारी तेजस कुमार, अनिकेत कुमार पाठक, अभिषेक कुमार पाठक आदि  ने अपना विचार वेक्त किया।

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